स्कूलों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम पर जोर, सिसोदिया ने दिए निर्देश

अमर उजाला
News Dated: 
29-Sep-2016

उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने निजी स्कूलों की समस्याओं के समाधान के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की वकालत की है। उपमुख्यमंत्री का कहना है कि स्कूल संचालक एक कमेटी के माध्यम से यह बताएं कि उन्हें स्कूल चलाने में क्या दिक्कतें होती हैं।

उन समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें सिंगल विंडो सिस्टम से जोड़ देंगे। सिसोदिया ने बुधवार को नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स एलाएंस (नीसा) दिल्ली इंडिपेंडेंट स्कूल्स एलाएंस (दीसा) व कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक सम्मेलन में यह बातें कहीं।

स्कूलों की मान्यता के लिए आवश्यक कई अव्यवहारिक नियमों के कारण पैदा हो रही परेशानियों से सरकार को अवगत कराने के उद्देश्य से इस सम्मेलन का आयोजन किया गया था।

सम्मेलन में उन्होंने निजी स्कूलों की समस्याओं के समाधान के लिए एक पॉलिसी रिव्यू कमेटी बनाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों के संचालक सदस्य और शिक्षा के क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोगों की सदस्यता वाली रिव्यू कमेटी के साथ काम करने में कोई बुराई नहीं है।

उन्होंने कहा कि स्कूलों को मान्यता प्रदान करने के लिए जमीन के  बजाय कमरों की उपलब्धता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यदि किसी स्कूल के पास केवल 12 कमरें हैं और वह 10वीं तक स्कूल चलाना चाहता है तो उसे एक-एक सेक्शन के साथ स्कूल चलाने की अनुमति मिलनी चाहिए।

उन्होंने प्ले स्कूल की जगह अर्ली चाइल्ड हुड सेंटर बनाए जाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि ऐसे सेंटर को सरकारी स्कूलों के फीडर के रूप में खड़ा किया जा सकता है। तीन चार साल तक बच्चे का विकास यहीं किया जाए।

सम्मेलन में स्कूलों की मान्यता के लिए आवश्यक लैंड नियमों के अव्यवहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और समस्या के समाधान सुझाए।

नीसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि बजट प्राइवेट स्कूलों के लिए अलग प्रावधान होना अति आवश्यक है। सम्मेलन में गोवा पंजाब, उत्तराखंड, महाराष्ट्र व हरियाणा के स्कूल संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।