खंड मान्यता से सांध्य पाली में चलेंगे निजी स्कूल

दैनिक जागरण
News Dated: 
22-Mar-2016

राजधानी में सबको शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली सरकार न सिर्फ सरकारी बल्कि निजी स्कूलों को भी सांध्य पाली में चलाने की तैयारी कर रही है। यदि सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही खंड मान्यता के आधार पर राजधानी के करीब 2000 निजी स्कूल सांध्य पाली में छठी से आठवीं और नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ा पाएंगे।

दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आरसी जैन ने बताया कि राजधानी में चल रहे दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम से मान्यता प्राप्त निजी स्कूल लगातार ये मांग कर रहे हैं कि उन्हें सांध्य पाली में कक्षाएं चलाने की मंजूरी दी जाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में इस बाबत शिक्षा निदेशालय को उन्होंने एक प्रस्ताव भी सौंपा है। उम्मीद है कि सरकार इस दिशा में सकारात्मक रुख अपनाएगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार खुद अपने सभी स्कूलों को दूसरी पाली में चलाने की तैयारी कर रही है। इसलिए निजी स्कूलों के स्तर इस व्यवस्था को लागू करने से उसे कोई ऐतराज नहीं होगा।

कैसे होगा संभव

राजधानी में शिक्षा को लेकर लागू कानून में खंड मान्यता प्रावधान लागू है। यह मान्यता पहले से ही नगर निगम और दिल्ली सरकार की ओर से दी जाने वाली अलग-अलग मान्यता के स्तर पर लागू थी। आरसी जैन बताते हैं कि पहले पांचवी तक के स्कूलों को नगर निगम और छठी से 12वीं तक के स्कूलों को दिल्ली सरकार मान्यता प्रदान करती थी। इस व्यवस्था को खंड मान्यता कहते हैं। इसी प्रावधान के तहत निजी स्कूलों को सांध्य पाली में अध्यापन की मंजूरी दी जा सकती है। नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स एलांयस (नीसा) के राष्ट्रीय संयोजक अमित चन्द्रा कहते हैं कि सरकार का ये कदम लाखों छात्रों के लिए शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करेगा। इससे नए स्कूलों के लिए जरूरी संसाधनों की अनिवार्यता का संकट भी खत्म होगा। बस आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति भर अनिवार्य होगी।

क्या है मौजूदा स्थिति

दिल्ली में सरकार से मान्यता प्राप्त पांचवी तक कक्षा तक के निजी स्कूलों की संख्या 1147 हैं। इसमें 750 स्कूलों को शिक्षा का अधिकार कानून-2009 से पहले से ही मान्यता मिली है, जबकि 397 को इस कानून के अन्तर्गत मान्यता दी गई है। इसी तरह छठी से आठवीं तक के मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की संख्या राजधानी में 1063 हैं। इसमें 656 स्कूलों को शिक्षा का अधिकार कानून-2009 से पहले से मान्यता प्राप्त है, जबकि 407 को इस कानून के तहत मान्यता मिली है। खंड मान्यता के बाद ये स्कूल सांध्य पाली में छठी से आठवीं तक और नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं चला पाएंगे।