निजी स्कूलों में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) गठित करने का सुझाव स्वायत्ता पर हमला - निसा

Monday, 1 July, 2019

- निसा ने कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति का वर्तमान मसौदे में कई खामियां, शिक्षा मंत्री से मिल कराएंगे अवगत

- विभिन्न राज्यों से होते हुए प्रेस क्लब ऑफ इंडिया पहुंचे विभिन्न राज्यों के स्कूल लीडर्स

नई दिल्ली। कम शुल्क वाले गैर सहायता प्राप्त बजट प्राइवेट स्कूलों के अखिल भारतीय संगठन नेशनल इंडिपेंडेट स्कूल्स अलायंस (निसा) के बैनर तले विभिन्न राज्यों के स्कूल लीडर्स सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे। इससे पहले विभिन्न राज्यों के स्कूल संगठनों के प्रतिनिधियों ने यूपी, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, गोवा, तेलंगना, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों में सिम्पोजियम आयोजित किए और जनजागरण किया।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में संवाददाता सम्मेलन के दौरान निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के वर्तमान मसौदे की खामियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि स्कूल लीडर्स की सबसे बड़ी चिंता निजी स्कूलों में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के गठन के प्रावधान को लेकर है। उन्होंने सुझाव गैर सहायता प्राप्त स्कूलों की स्वायत्ता पर हमला बताया और कहा कि इससे स्कूल संचालन की दिन प्रतिदिन की गतिविधियों में सरकार का हस्तक्षेप बढ़ जाएगा। इससे निशुल्क सरकारी स्कूलों में बच्चों को भेजने की बजाए बजट स्कूलों का विकल्प चुनने वाले जागरुक अभिभावकों के चयन के अधिकार पर रोक लगेगी और ऐसे स्कूलों में पढ़ने वाले 2 करोड़ से अधिक छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

तेलंगना राज्य के स्कूल लीडर और निसा के वाइस प्रेसिडेंट एस. मधुसूदन ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे को केवल हिंदी और अंग्रेजी में प्रस्तुत कर लोगों से इस बाबत सलाह मांगी है। जबकि तमाम राज्य ऐसे हैं जहां के लोगों के लिए हिंदी और अंग्रेजी समझना बहुत मुश्किल है। उन्होंने मांग कि मसौदे को क्षेत्रीय भाषा में भी उपलब्ध कराया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग अपने सुझाव दे सकें।

इसके अतिरिक्त विगत कुछ समय से अध्यापकों व स्कूल लीडर्स पर जानलेवा हमलों की बढ़ती वारदातों के मद्देनजर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कराने और शिक्षा का अधिकार कानून में सुधार कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत स्कूल फीस उपलब्ध कराने की मांग की गई।