निसा ने जेटली से की आयकर की सीमा बढ़ाने की मांग

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10-Jan-2019
बजट स्कूलों को राहत दिलाने के लिए आगे आए सासंद, वित्तमंत्री से की पैरवी
दस वर्ष में मुद्रास्फीति 400 गुना बढ़ी, लेकिन गैर-लाभकारी संस्थानों के लिए आयकर सीमा अब भी वहीः निसा

नई दिल्ली: कम शुल्क वाले बजट स्कूलों के अखिल भारतीय संगठन, नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस (निसा) के प्रतिनिधियों ने वित्तमंत्री अरूण जेटली ने मुलाकात कर गैर लाभकारी शैक्षणिक संस्थानों के लिए आयकर की सीमा बढ़ाने की गुहार लगाई है। मुलाकात तय कराने का कार्य तेलंगाना के सांसद बी. विनोद कुमार, आंध्र प्रदेश के सांसद ए.पी. जितेंद्र रेड्डी व अन्य ने किया था। इस दौरान सांसदों ने स्वयं भी बजट स्कूलों की समस्या से वित्तमंत्री को अवगत कराया और उनकी मांगों पर विचार करने का आग्रह किया। इस पर वित्तमंत्री द्वारा स्कूलों की समस्या को जल्द से जल्द दूर करने का आश्वासन दिया।

मुलाकात के बाबत बताते हुए निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने बताया कि वर्ष 1998-99 से अबतक महंगाई में 400 गुणा से अधिक वृद्धि हो गई है और मुद्रास्फीति सूचकांक 351 से बढ़कर 1125 हो गया है। जबकि गैर लाभकारी शैक्षणिक संस्थानों को अनुच्छेद 10 (23C) (iiicd) के तहत आयकर में मिलने वाली छूट एक दशक बाद भी एक करोड़ की ही है। कुलभूषण ने बताया कि इस दौरान स्कूल के शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य खर्चों में कई गुणा वृद्धि हो चुकी है। उन्होंने वित्तमंत्री से आयकर सीमा को बढ़ाकर कम से कम 4 करोड़ करने की मांग की।