गैरमान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने का आदेश, स्कूलों ने शिक्षा निदेशालय के फैसले का जताया विरोध

उ० प्र० बेसिक शिक्षा
News Dated: 
13-Feb-2018

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने दिल्ली में संचालित गैरमान्यता प्राप्त स्कूलों को आगामी शैक्षणिक सत्र से बंद करने का आदेश जारी किया है, जिसके खिलाफ इन स्कूलों ने मोर्चा खोल दिया है। ऐसे स्कूलों के संगठन नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स एलायंस (निसा) का कहना है, कि जून 2017 को दिल्ली सरकार ने ऐसे स्कूलों को मान्यता देने को लेकर कमेटी गठित की थी, लेकिन अभी तक उसकी एक भी बैठक आयोजित नहीं हुई। इस बीच प्री बोर्ड में सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम बेहद खराब रहा है। ऐसी स्थिति में ध्यान भटकाने के लिए सरकार व निदेशालय इस तरह के आदेश जारी कर रहे हैं।

शिक्षा निदेशालय ने जारी आदेश में कहा कि अनेक गैरमान्यता-प्राप्त निजी स्कूल उपयुक्त प्राधिकार से मान्यता का आवश्यक प्रमाणपत्र लिए बगैर ही चल रहे हैं, जो शिक्षा का अधिकार कानून का उल्लंघन है। ऐसे स्कूल चला रही सभी संस्थाओं व निजी व्यक्तियों को निर्देश दिए जाते हैं कि वे आगामी शैक्षणिक सत्र से अपने स्कूल बंद कर दें। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ शुरू की जाएगी। वहीं, इस बाबत निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा का कहना है कि सरकार का यह आदेश गरीब व मेहनतकश आदमी द्वारा अपने बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के सपने पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि सरकार छोटे स्कूलों को इंफ्रास्ट्रक्चर, खेल के मैदान आदि के नाम पर प्रताड़ित कर बंद करने की कोशिश में जुटी है।

शिक्षा निदेशालय ने अपने आदेश में दिल्ली के लोगों को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों का दाखिला केवल उन्हीं स्कूलों में कराएं जो मान्यता प्राप्त हों। ऐसा नहीं करने से बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।