काला दिवस मनाएंगे देशभर के प्राइवेट स्कूल

न्यूज 18 हिंदी
News Dated: 
05-Oct-2017

‘नेशनल इंडिपेंडेट स्कूल अलाइंस’ (निसा) ने निजी स्कूल विरोधी सरकारी नीतियों के खिलाफ आगामी 12 अक्टूबर को काला दिवस मनाने का ऐलान किया है. इस दिन देशभर के गैर सहायता प्राप्त स्कूल संचालक, शिक्षक व कर्मचारी सरकारी नीतियों के विरोध स्वरूप काली पट्टी बांध शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल होंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन पत्र भी सौंपा जाएगा.

निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि केंद्र व समस्त राज्य सरकारें महिलाएं सशक्तिकरण को लेकर बातें तो बड़ी बड़ी करती हैं, लेकिन वास्तविकता के धरातल पर मामला कुछ और ही होता है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा के लिए तैयार की जा रही नीतियों के कारण निजी स्कूलों में सालों से टीचर्स, प्रिंसिपल व अन्य अहम पदों पर कार्यरत महिला कर्मचारियों को भयतीत कर दिया है.

कुलभूषण शर्मा ने कहा कि पहले स्कूल में कोई भी घटना होने पर टीचर्स व प्रिंसिपल को दोषी मानते हुए मुकदमा दर्ज किए जाने की नीति बना दी गई. जब इससे भी सरकार का मन नहीं भरा तो पुलिस वैरिफिकेशन व उनका दिमागी (साइकोमेट्रिक) टेस्ट करवाने के आदेश जारी कर दिए.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने प्राइवेट स्कूलों में टीचर्स की नियुक्ति को लेकर जो नियम बनाए हैं, उसमें बेहतर रिजल्ट देने वाली टीचर्स के तजुर्बे को नजरअंदाज किया जा रहा है जिससे निश्चित तौर पर देशभर से लाखों टीचर्स बेरोजगार हो जाएंगे.

दिल्ली के ‘प्राइवेट लैंड पब्लिक स्कूल्स एसोसिएशन’ (पीएलपीएस) के अध्यक्ष प्रेमचंद देशवाल ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण कई स्कूल बंद हो जाएंगे और जो स्कूल बचेंगे, उसमें शिक्षा महंगी हो जाएगी. उन्होंने कहा कि हमारे स्कूल कम खर्च में गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के कार्य में जुटे हैं, लेकिन सरकार की नीतियों के कारण वह बनाए जा रहे नियमों को पूरा करने में असमर्थ हैं और बंद होने की स्थिति में हैं.

पीएलपीएस के चंद्रकांत सिंह ने कहा कि शिक्षा को बचाने के लिए अब टीचर्स, प्रिंसिपलर्स, मैनेजमेंट के साथ-साथ अन्य सभी स्टाफ को एकजुट होना होगा, तभी जाकर स्कूल, गुणवत्ता युक्त शिक्षा व शिक्षकों तथा कर्मचारियों की आजीविका बच पाएंगी. उन्होंने 12 अक्टूबर को सभी टीचर्स, प्रिंसिपल्स व मैनेजमेंट काला रिबन लगाकर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया.