लाखों शिक्षकों ने मनाया काला दिवस

Web Dunia
News Dated: 
05-Sep-2018

देश के हजारों स्कूलों ने शिक्षक दिवस को 'ब्लैक डे' के तौर पर मनाया। राज्य, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त लगभग 60,000 से अधिक निजी स्कूलों ने सरकारी एजेंसियों द्वारा भेदभाव किए जाने, गैरजमानती मामलों में फंसाए जाने और फर्जी मामले बनाने के विरोध में शिक्षक दिवस को काले दिन के तौर पर मनाया। नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल एलायंस (एनआईएसए) के राष्ट्रीय संघ ने इस संबंध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एनआईएसए, निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक संरक्षण अधिनियम की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत में शिक्षकों का सम्मान बचाना आवश्यक हो गया है।

कुलभूषण शर्मा का कहना था कि हम डॉ. राधाकृष्णन जयंती और शिक्षक दिवस का जश्न कैसे मना सकते हैं, जब शिक्षकों की अच्छी-खासी संख्या सलाखों के पीछे है। इनमें बड़ी संख्या महिला शिक्षकों की है। डॉ. राधाकृष्णन के सम्मान में सरकार को उन सभी को तुरंत रिहा कर दिया जाना चाहिए।

इस विरोध प्रदर्शन में दिल्ली, यूपी, एमपी, बिहार, असम, नगालैंड, राजस्थान, गुजरात, कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र, केरल, तमिलनाडु के स्कूलों की अधिकतम भागीदारी रही।

स्कूलों के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों ने ब्लैक फ्लैग के साथ काले रिबन पहनकर स्कूलों और बसों में काम किया।

निजी स्कूलों में 80% शिक्षण और गैरशिक्षण कर्मचारी महिला हैं। पुलिस सत्यापन और साइकोमेरिक परीक्षण के नाम पर शिक्षकों और कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जाता है।

निजी शिक्षण संस्थानों के कई कर्मचारी सलाखों के पीछे हैं। इनमें शिक्षक और स्कूल प्रबंधन के लोग भी हैं। सुरक्षा के नाम पर निजी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। इससे छात्रों की शिक्षा अधर में है।

निसा ने स्कूलों की स्वायत्तता और शिक्षकों की गरिमा को बहाल करने के लिए प्रबंधन और प्राध्यापकों की उचित जांच से पहले गिरफ्तारी नहीं होने की मांग की। उनकी यह भी मांग की थी कि कोई स्कूल बंद नहीं होना चाहिए।

Source : http://m.hindi.webdunia.com/my-blog/private-schools-across-the-country-observed-black-day-118090600044_1.html