दिल्ली: कमरों के आधार पर निजी स्कूलों को मिलेगी मान्यता

हिंदुस्तान
News Dated: 
28-Sep-2016

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का मानना है कि निजी स्कूलों को मान्यता प्रदान करने के लिए निश्चित क्षेत्रफल जमीन की अनिवार्यता कई समस्याओं का कारण बन रही है। इसलिए उन्होंने स्कूलों को मान्यता प्रदान करने के लिए जमीन की बजाए कमरों की उपलब्धता को प्राथमिकता देने की बात कही। इस निर्णय से राजधानी के लगभग 1,400 स्कूलों को तुरंत प्रभाव से राहत मिलने की संभावना है। इसके अलावा उन्होंने निजी स्कूलों की समस्याओं के समाधान के लिए एक पॉलिसी रिव्यू कमेटी बनाने की बात भी कही।

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया बुधवार को नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलाएंस (नीसा), दिल्ली इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलाएंस (दीसा) व कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ पब्लिक स्कूल्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन स्कूलों की मान्यता के लिए जरूरी कई अव्यवहारिक नियमों के कारण पैदा हो रही परेशानियों से सरकार को अवगत कराने के उद्देश्य से किया गया था।

‘स्टेट कांफ्रेंस फोर बजट प्राइवेट स्कूल्स’ को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि यदि किसी स्कूल के पास मात्र 12 कमरे हैं और स्कूल संचालक एक-एक सेक्शन के साथ 10वीं तक स्कूल चलाना चाहता है तो उसे इसकी अनुमति मिलनी चाहिए। कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ पब्लिक स्कूल्स के चेयरमैन आरके शर्मा ने कहा कि बजट प्राइवेट स्कूल उन जगहों पर भी गुणवत्तायुक्त शिक्षा पहुंचाने में सफल रहे हैं, जहां सरकार नहीं पहुंच सकी है। स्कूल खोलने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम होना चाहिए।